
SRI SRI KA ADHUNIKA TELUGU SAHITYA PAR PRABHAV HINDI
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PublisherGITA PRESS
LanguageHindi
प्राफसर चन्दू सुब्बाराव का जन्म 18 मई 1946 का तेनाली के पास के एक गाँव में हुआ था। उन्होंने आन्ध्रा लॉयला कॉलेज विजयवाडा से स्नातक की परीक्षा पास की थी और आंध्रा विश्व विद्यालय से जियोफिजिक्स डिपार्टमेंट से एम.एस.सी. की थी। डॉक्टर चंदू सुब्बाराब ने 2006 तक जियोफिजिक्स के प्रोफेसर के रूप में काम किया। हालांकि उनकी वृत्ति विज्ञान से संबंधित थी पर उनकी प्रवृत्ति साहित्य की ओर थी। उन्होंने 60 कहानियाँ, 8 उपन्यास और तेलुगु में शताधिक लेखों को लिखा है। उन्होंने कई पुरस्कार भी प्राप्त किए जिनमें कोण्डेपूडि अवार्ड, तापि धर्माराव अवार्ड, अवन्तस सोमसुंदर अवार्ड और तुम्मल वेंकचरामय्या अवार्ड उनके द्वारा साहित्य में किए गए योगदान के लिए प्राप्त हुए हैं। वे श्री श्री के उत्साही प्रशंसक हैं। वे आंध्रप्रदेश प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोशियेशन के अध्यक्षीय सदस्य हैं। श्रीमती पारनन्दि निर्मला तेलुगु और हिंदी भाषाओं की अच्छी जानकार होने के कारण इन दोनों ही भाषाओं की साहित्यिक एवं साहित्येतर सामग्री का अत्यंत प्रभावी एवं समग्र अनुवाद करने में पूर्णतया सक्षम है। इनकी अनूदित सामग्री का अध्ययन हमें स्पष्ट देगा कि अनुवाद एक कला ही नहीं बल्कि विज्ञान भी है। भाषीय परिदृष्य के समग्र अवगाहन के कारण श्रीमती पारनन्दि निर्मला जी की अनूदित कृतियाँ पाठक वर्ग को आह्लाद से भर देती हैं। उनके द्वारा अनूदित अपार सामग्री संपूर्ण भारत में लोकप्रिय होती जा रही हैं। निश्चय ही भविष्य में उनका यह अनुवाद कार्य उर्वर होकर ज्ञानभंडार को समृद्ध करता रहेगा।